उज्जैन। अवंतिका नगरी में गुरुवार की शाम एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित दीपोत्सव कार्यक्रम अत्यंत भव्यता और अभूतपूर्व उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिप्रा तट पर एक साथ 33 लाख से अधिक दीयों की जगमगाहट के साथ उज्जैन ने नया कीर्तिमान स्थापित कर पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।
इस दौरान पहली बार उज्जैन पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की मौजूदगी में ऐतिहासिक स्वागत किया गया। नितिन नबीन ने नृसिंह घाट से रामघाट तक नाव की सैर कर जनसैलाब का अभिवादन स्वीकार किया और मुख्य मंच पर भव्य महाआरती में सम्मिलित होकर पहला दीया प्रज्ज्वलित किया गया। आज शाम को सायरन की गूंज के साथ रामघाट, दत्त अखाड़ा, महाकाल लोक और आसपास के घाटों पर 33 लाख से अधिक दीपक एक साथ जल उठे। याद रहे कि वर्ष 2022 में (11.71 लाख) और 2023 (18.82 लाख) के अपने ही रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए उज्जैन ने नया विश्व कीर्तिमान रच दिया।
5 लाख दीपों से पीएम मोदी की विशाल प्रतिकृतिकार्तिक मेला मैदान के पास आर्टिस्ट फाल्गुनी अग्रवाल और उनकी टीम द्वारा 50 हजार वर्गफीट में बनाई गई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भव्य दीप-आकृति सभी के आकर्षण का मुख्य केंद्र रही।सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और दिव्य वातावरणसांस्कृतिक मंच पर टीवी कलाकार शैलेश लोढ़ा के कथा वाचन और भाविन शास्त्री के सुमधुर भजन गायन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। द महाकाल ग्रेट की विशेष कलात्मक प्रस्तुति और महाआरती के बाद हुई गगनचुंबी आतिशबाजी ने पूरे शहर को दीपोत्सव के आनंद में सराबोर कर दिया। सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंधों और 30 हजार वालंटियर्स की कड़ी मेहनत से यह विशाल आयोजन शून्य-त्रुटि के साथ बेहद व्यवस्थित और गरिमामय ढंग से संपन्न हुआ।